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 निबंध को गद्य की कसौटी क्‍यों कहॉं जाता है?

इस कथन का तात्‍पर्य यह है कि गद्य की तुलना में गद्य रचना सम्‍पन्‍न्‍ करना दुष्‍कर कार्य है। क्‍योंकि अगर आठ पंक्तियों वाली कविता में यदि एक भी पंक्ति भाव पूर्ण लिख जाती है तो कवि प्रशंसा का भागी बनता है। परन्‍तु गध के संदर्भ में ऐसा नहीं देखा जाता। गद्यकार को एक-2 वाक्‍य सुव्‍यवस्थित एवं सोच-विचार कर लिखना होता है। उसी स्थिति में गद्यकार प्रंशनीय है। निबन्‍ध सुरूचि पुर्ण आकर्षक एवं सुव्‍यवस्थित होना चाहिए। इसलिए निबंन्‍ध को गद्य की कसौटी कहॉं जाता है। 

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